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    कोहनी की जकड़न से राहत: सूक्ष्म छिद्र विधि से सफल शल्य उपचार

    गोरखपुर। चिकित्सा विज्ञान में हो रही प्रगति के कारण अब जटिल रोगों का उपचार भी सरल और सुरक्षित हो गया है। इसी क्रम में गोरखपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में कोहनी की जकड़न से पीड़ित 20 वर्षीय युवक का सूक्ष्म छिद्र विधि द्वारा सफल उपचार किया गया। इस आधुनिक पद्धति से बिना बड़े चीरे के ही मरीज को राहत मिली है।


    लंबे समय से जकड़न से था परेशान

    मरीज लंबे समय से कोहनी की जकड़न से पीड़ित था। वह अपनी कोहनी को ठीक प्रकार से मोड़ने और सीधा करने में असमर्थ था। इसके कारण उसके दैनिक कार्य जैसे भोजन करना, वस्त्र पहनना और भार उठाना अत्यंत कठिन हो गया था। यह समस्या धीरे-धीरे उसके सामान्य जीवन को भी प्रभावित करने लगी थी।


    जांच में सामने आया अंदरूनी चिपकाव

    प्रारंभिक परीक्षण के दौरान चिकित्सकों ने पाया कि कोहनी के जोड़ में जकड़न के साथ-साथ अंदरूनी चिपकाव भी है। सामान्य जांच से समस्या का स्पष्ट कारण ज्ञात नहीं हो पा रहा था। इसके बाद सूक्ष्म छिद्र विधि के माध्यम से जोड़ के भीतर की स्थिति को प्रत्यक्ष रूप से देखा गया, जिससे वास्तविक कारण का पता चला।


    क्या है सूक्ष्म छिद्र विधि?

    यह एक ऐसी शल्य प्रक्रिया है जिसमें शरीर में छोटे-छोटे छिद्र बनाकर सूक्ष्म दृष्टि यंत्र तथा विशेष उपकरणों को अंदर प्रवेश कराया जाता है। इसके माध्यम से चिकित्सक जोड़ के भीतर की स्थिति को स्पष्ट रूप से देख सकते हैं और बिना बड़े चीरे के उपचार कर सकते हैं। इस प्रक्रिया में दर्द और रक्तस्राव कम होता है तथा रोगी शीघ्र स्वस्थ हो जाता है।


    सफल शल्यक्रिया से मिला लाभ

    हड्डी एवं जोड़ रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अजय भारती ने बताया कि इस विधि के माध्यम से कोहनी के भीतर जमे हुए ऊतकों को हटाया गया और जोड़ की सफाई की गई। शल्य प्रक्रिया पूरी तरह सफल रही और इसके बाद मरीज की कोहनी की गति में स्पष्ट सुधार देखा गया।


    पहली बार हुआ ऐसा उपचार

    विशेषज्ञों के अनुसार यह उपचार गोरखपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में अपनी तरह का पहला सफल प्रयास है। इससे अब आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को उच्च स्तर की चिकित्सा सुविधा अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध हो सकेगी और उन्हें अन्य बड़े नगरों की ओर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।


    किन समस्याओं में उपयोगी है यह विधि?

    चिकित्सकों के अनुसार यह विधि अनेक प्रकार की समस्याओं में लाभकारी सिद्ध होती है, जैसे—

    कोहनी की जकड़न

    जोड़ में फंसे कणों को निकालना

    जोड़ का घिसाव

    जकड़न को दूर करना

    जोड़ की आंतरिक परत की सूजन का उपचार

    टेनिस कोहनी की समस्या

    हड्डी और उपास्थि से संबंधित विशेष रोग



    शीघ्र स्वस्थ होने में सहायक

    इस विधि का प्रमुख लाभ यह है कि मरीज को चिकित्सालय में कम समय तक रहना पड़ता है और वह शीघ्र अपने सामान्य जीवन में लौट सकता है। साथ ही, उपचार के बाद सामान्य गतिविधियों को पुनः प्रारंभ करने में भी कम समय लगता है।


    आधुनिक सुविधाएं और विशेषज्ञों की टीम

    संस्थान की कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने बताया कि यहां आधुनिक उपकरणों और अनुभवी चिकित्सकों की टीम उपलब्ध है, जो जटिल हड्डी एवं जोड़ संबंधी शल्य प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक संपन्न कर रही है। उनका उद्देश्य मरीजों को सर्वोत्तम उपचार प्रदान करना और उन्हें दर्दमुक्त तथा सक्रिय जीवन देना है।

    कोहनी की जकड़न जैसी समस्या अब गंभीर चिंता का विषय नहीं रही है। सूक्ष्म छिद्र विधि जैसी आधुनिक शल्य तकनीकों के माध्यम से इसका सुरक्षित और प्रभावी उपचार संभव हो गया है। यह उपलब्धि क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे लोगों को उन्नत चिकित्सा सुविधा अपने ही क्षेत्र में प्राप्त हो रही है।

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