जादोपाली गांव में भूमि विवाद को लेकर बुजुर्ग नंदलाल यादव परेशान, तहसील प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार
गोरखपुर जनपद के बांसगांव तहसील क्षेत्र अंतर्गत जादोपाली गांव में भूमि विवाद का मामला सामने आया है, जहां गांव के बुजुर्ग नंदलाल यादव अपनी जमीन को लेकर लगातार तहसील प्रशासन के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा उनकी जमीन पर लगे पेड़ों को यह कहकर काटा और तोड़ा जा रहा है कि संबंधित भूमि पंचायत की है, जबकि नंदलाल यादव का दावा है कि उक्त भूमि उनकी निजी जमीन है और बिना पैमाइश व प्रशासनिक जांच के उनकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि नंदलाल यादव लंबे समय से उक्त भूमि पर अपना अधिकार बताते आ रहे हैं। उनका कहना है कि यदि किसी को जमीन को लेकर आपत्ति है तो प्रशासन द्वारा पहले मौके की विधिवत पैमाइश कराई जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि कौन-सी भूमि पंचायत की है और कौन-सी उनकी निजी जमीन। इसके बाद ही किसी प्रकार की कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन आरोप है कि कुछ लोग बिना किसी आधिकारिक आदेश के उनके पेड़ों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानी उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों के अनुसार यह विवाद पिछले कुछ समय से चल रहा है। कई बार गांव स्तर पर बातचीत के जरिए मामला सुलझाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद नंदलाल यादव ने तहसील प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की मांग की। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर पैमाइश कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में किसी प्रकार का विवाद न हो।
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| पीड़ित नंदलाल यादव |
नंदलाल यादव का कहना है कि उन्होंने जीवनभर मेहनत करके अपनी जमीन और उस पर लगे पेड़ों की देखभाल की है। अब बुढ़ापे में उन्हें न्याय पाने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उनका आरोप है कि बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के उनके पेड़ तोड़ दिए गए, जिससे उन्हें काफी दुख पहुंचा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए।
मामले को लेकर तहसील प्रशासन का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है और राजस्व विभाग की टीम द्वारा मामले की जांच कराई जाएगी। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही भूमि की पैमाइश कराकर पंचायत की भूमि और निजी भूमि को अलग-अलग चिन्हित किया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि किसी भी पक्ष को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर निष्पक्ष निर्णय लिया जाएगा।
गांव में इस मामले को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को जल्द से जल्द पैमाइश कराकर विवाद समाप्त कराना चाहिए ताकि गांव में तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो। कई लोगों का मानना है कि भूमि विवादों का समय रहते समाधान न होने पर छोटे विवाद भी बड़े रूप ले लेते हैं। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी है कि निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों की बात सुनी जाए और कानून के अनुसार फैसला किया जाए।
फिलहाल बुजुर्ग नंदलाल यादव न्याय की उम्मीद में तहसील प्रशासन की ओर देख रहे हैं। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं कि आखिर जांच और पैमाइश के बाद सच्चाई क्या सामने आती है और पीड़ित बुजुर्ग को कब तक न्याय मिल पाता है।



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