जादोपाली-पाली मार्ग अधूरा होने से ग्रामीण परेशान, वर्षों से सड़क निर्माण की मांग
गोरखपुर जनपद के बांसगांव क्षेत्र अंतर्गत जादोपाली और पाली गांव के बीच जाने वाला संपर्क मार्ग आज भी अधूरा पड़ा हुआ है, जिससे क्षेत्रीय ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों गांवों की सीमा के बीच कुछ दूरी तक सड़क का निर्माण नहीं हो पाया है, जिसके कारण आवागमन प्रभावित हो रहा है। बरसात के समय यह समस्या और गंभीर रूप ले लेती है, जब रास्ते में बने गड्ढों और कीचड़ के कारण लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह रास्ता कई गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। प्रतिदिन छात्र, किसान, मजदूर और आम ग्रामीण इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं। लेकिन अधूरा मार्ग होने के कारण लोगों को जोखिम उठाकर यात्रा करनी पड़ती है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के मौसम में रास्ते पर पानी भर जाता है और गहरे गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। कई बार बच्चे और बाइक सवार गिरकर घायल भी हो चुके हैं।
ग्रामीण अंजनी राय ने बताया कि वर्षों से यह रास्ता पूरी तरह नहीं बन पाया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले का जल्द निस्तारण कर सड़क निर्माण कराया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क का निर्माण नहीं हुआ तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से इस समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं।
इस मामले में जादोपाली ग्राम सभा के प्रधान दिनेश यादव से बातचीत की गई। उन्होंने बताया कि संबंधित मार्ग उनकी ग्राम सभा क्षेत्र से जुड़ा हुआ है और सड़क निर्माण को लेकर प्रस्ताव प्रशासन को भेजा जा चुका है। प्रधान दिनेश यादव ने कहा कि उनकी ओर से आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर दी गई है और अब प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई की प्रतीक्षा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद सड़क निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर पाली ग्राम सभा के प्रधान भास्कर राय ने भी बताया कि उनकी तरफ से भी सड़क निर्माण को लेकर प्रस्ताव प्रशासन को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि दोनों ग्राम सभाओं की ओर से आवश्यक कार्रवाई पूरी की जा चुकी है। अब जांच और स्वीकृति के बाद प्रशासन को निर्माण कार्य कराना है। प्रधान भास्कर राय ने कहा कि ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए वह लगातार इस मुद्दे को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क अधूरी होने के कारण सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और किसानों को उठानी पड़ रही है। खेतों तक जाने में दिक्कत होती है और बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है। कई बार एंबुलेंस और अन्य जरूरी वाहन भी रास्ते की खराब स्थिति के कारण समय पर नहीं पहुंच पाते। लोगों का कहना है कि यदि सड़क का निर्माण हो जाए तो दोनों गांवों के लोगों को काफी राहत मिलेगी और आवागमन सुगम हो जाएगा।
क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द सर्वे और जांच की प्रक्रिया पूरी कराई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण केवल सुविधा का विषय नहीं बल्कि सुरक्षा से भी जुड़ा मुद्दा है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले बरसात के मौसम में लोगों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।
फिलहाल दोनों ग्राम प्रधानों द्वारा प्रस्ताव भेजे जाने के बाद ग्रामीणों को प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग कब तक जांच पूरी कर सड़क निर्माण कार्य शुरू कराता है और वर्षों पुरानी इस समस्या का समाधान हो पाता है या नहीं।


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