लखनऊ में प्रतीक यादव का निधन, राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक दुखद खबर सामने आई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के छोटे भाई तथा उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का निधन हो गया। उनके निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर फैल गई है। परिवार, समर्थकों और करीबी लोगों में गहरा दुख व्याप्त है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रतीक यादव की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें बेहोशी की हालत में लखनऊ के नागरिक चिकित्सालय लाया गया था। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद अस्पताल परिसर और परिवार से जुड़े लोगों के बीच शोक का माहौल बन गया।
सूत्रों के अनुसार प्रतीक यादव पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। बताया जा रहा है कि 30 अप्रैल को भी उन्हें उपचार के लिए मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां कुछ दिनों तक इलाज चलने के बाद उनकी हालत में सुधार बताया गया और लगभग तीन दिन बाद उन्हें अस्पताल से घर भेज दिया गया था। परिवार को उम्मीद थी कि उनकी तबीयत धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगी, लेकिन अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद यह दुखद घटना सामने आई।
परिजनों के अनुसार आज सुबह उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई और वह बेहोश हो गए। स्थिति गंभीर होते देख अपर्णा यादव के भाई अमन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन अस्पताल पहुंचने तक काफी देर हो चुकी थी और चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उस समय अपर्णा यादव शहर से बाहर बताई जा रही थीं। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार और करीबी लोगों में शोक की लहर दौड़ गई।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रतीक यादव के शव का पोस्टमार्टम किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में कराया जा रहा है। जानकारी के अनुसार पोस्टमार्टम की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जा रही है। चार चिकित्सकों की टीम संयुक्त रूप से शव परीक्षण कर रही है ताकि मृत्यु के कारणों की विस्तृत जानकारी सामने आ सके। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
प्रतीक यादव का नाम प्रदेश के राजनीतिक परिवारों में जाना जाता था। वह समाजवादी परिवार से जुड़े होने के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहते थे। उनके निधन की खबर मिलते ही कई राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और शुभचिंतकों ने शोक व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर भी लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं और परिवार के प्रति संवेदना प्रकट कर रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यादव परिवार लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। ऐसे में परिवार से जुड़े किसी सदस्य के निधन की खबर का व्यापक असर देखने को मिलता है। प्रतीक यादव का निधन भी प्रदेश की राजनीति और समाजवादी परिवार के लिए एक बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है।
घटना के बाद अस्पताल और परिवार के आवास के बाहर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। करीबी रिश्तेदार, समर्थक और परिचित लगातार परिवार से संपर्क कर संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।
फिलहाल सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिसके बाद मृत्यु के वास्तविक कारणों को लेकर अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी। परिवार के सदस्य इस कठिन समय में एक-दूसरे का सहारा बने हुए हैं।
प्रतीक यादव के निधन से न केवल उनका परिवार बल्कि उन्हें जानने वाले तमाम लोग दुखी हैं। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में उनकी पहचान शांत और सरल स्वभाव के व्यक्ति के रूप में की जाती थी। उनके निधन की खबर ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी शोक का माहौल पैदा कर दिया है।
ईश्वर से प्रार्थना की जा रही है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को इस कठिन समय को सहन करने की शक्ति दें।

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